भू-चुम्बकीय तूफान २६ जनवरी २०२६
भू-चुंबकीय गतिविधि २६ जनवरी २०२६
विवरण
geomagnetic activity का स्तर 2 (kIndex) को "शांत" स्तर माना जाता है। यह स्तर सामान्यत: पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में हल्की गतिविधि को दर्शाता है। इसकी स्थिति में, भौतिक घटनाएँ जैसे ऑरोरा (ध्रुवीय रोशनी) का दिखाई देना कम होता है और इसके प्रभाव भी सीमित होते हैं। विभिन्न मौसम संवेदनशील लोगों पर इसका प्रभाव कुछ हद तक नकारात्मक हो सकता है। जैसे कि जो लोग उच्च रक्तचाप या हृदय संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें हल्के सिरदर्द या थकान का अनुभव हो सकता है। इसके अलावा, कुछ लोग मूड में उतार-चढ़ाव महसूस कर सकते हैं। हालाँकि, इस स्तर के geomagnetic activity का प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है और सामान्यतः दैनिक जीवन पर बहुत अधिक असर नहीं डालता। ऐसे में इन प्रभावों की पहचान करना और उन पर उचित ध्यान देना जरूरी है ताकि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सके।
