भू-चुम्बकीय तूफान ७ जनवरी २०२६
भू-चुंबकीय गतिविधि ७ जनवरी २०२६
विवरण
जुड़वां कृत्रीम कक्षों का मापन करने वाले की जोखिम स्तर, जिसे kIndex कहते हैं, 2 के स्तर पर है। यह स्तर चुप्पी और स्थिरता का संकेत है, जिसे सामान्यत: "शांत" स्तर माना जाता है। इस स्तर पर भू-चुंबकीय गतिविधि कम होती है, जिससे पृथ्वी के वातावरण में किसी प्रकार की गंभीर अस्थिरता नहीं होती। इस स्तर की भू-चुंबकीय गतिविधि से मौसम-संवेदनशील लोगों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। ऐसे लोग जो मौसम की संवेदनाओं, जैसे सिरदर्द या अनिद्रा का अनुभव करते हैं, उनके लिए यह एक राहत देने वाला समय हो सकता है। सामान्यतः, जब भू-चुंबकीय गतिविधि कम होती है, तब मनःस्थिति और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कुल मिलाकर, kIndex का 2 का स्तर संकेत करता है कि लोगों को अपने दैनिक कार्यों में कोई बाधा नहीं आएगी और वे सामान्य रूप से अपनी गतिविधियों को जारी रख सकते हैं।
